सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीम संभावनाएं: योगी

राणा अवधूत कुमार/शैलेंद्र सिंह।आईसीएन मीडिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी सभागार में शुक्रवार को तीर्थाटन-पर्यटन को लेकर संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ. हिन्दुस्तान समाचार एजेंसी द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे. मुख्यमंत्री ने बङे सरल-सहज शब्दों में प्रदेश में तीर्थाटन के सात बङे स्थलों के समुचित विकास की परिकल्पना सभागार में मौजूद लोगों के सामने रखी. तीर्थाटन व पर्यटन को परस्पर जोङते हुए मुख्यमंत्री ने एक-दूसरे का पूरक बताया. उन्होंने कहा कि मथुरा, काशी व अयोध्या में तीर्थाटन की संभावना है तो आगरा, मेरठ व सोनभद्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं को विकसित करने पर भी बराबर बल दिया. प्रयागराज में कुंभ मेला की अपार सफलता का मंत्र सुरक्षा, स्वच्छता व सुव्यवस्था को दिया. उन्होंने बताया कि इस मेले में 48 दिनों में कुल पांच करोड़ से अधिक श्रद्धालु देश के विभिन्न इलाकों से कुंभ में स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने गोकुल, गोवर्धन, जमुना तीर, बरसाना, मथुरा, वृंदावन व ब्रज क्षेत्र को मिलाकर ब्रज विकास समिति का गठन कर तीर्थाटन के विकास पर कार्य शुरू होने की बातें बतायी। पर्यटन विभाग पूरे सूबे में तीर्थाटन के साथ पर्यटन व क्षेत्रीय विकास को ध्यान में रख योजनाएं बना रही हैं. मुख्यमंत्री ने सूबे की तरक्की में पर्यटन को लेकर तमाम संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के जनपदों में कम से कम एक ऐतिहासिक स्थल का चयन कर वहां टूरिज्म को बढावा दिया जाएगा. इसके लिए वरीय अधिकारियों की टीम राज्य के जनपदों में सर्वे व दौरा कर तीर्थाटन व पर्यटन के साथ क्षेत्रीय विकास को फोकस करते हुए काम कर रही है. उत्तर प्रदेश आने वाले दिनों में पर्यटन के साथ विकास को देश में नजीर बनेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पर्यटन को आध्यात्मिक पर्यटन तक ही सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उसे हैरिटेज, वन्य जीव तक बढ़ाया जाए. इसकी योजना बना इसे रोजी-रोजगार से जोड़ा जा सकता है. उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. पर्यटन क्षेत्र को तीर्थाटन से आगे ले जाकर हम आजीविका व स्वावलंबन की दृष्टि से बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. लेकिन इसे तीर्थाटन तक सीमित करना ठीक नहीं है. इसे रोजगार से जोड़ा जाना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा यह सच है कि पर्यटन का स्वरूप तीर्थाटन के रूप में रहा है, लेकिन तीर्थयात्री को कुछ सुविधा चाहिए. यदि उसके पास भुगतान क्षमता है तो एक अच्छी शुरुआत हो सकती है. काशी विश्वनाथ व  उसके आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए जब योजना बना रहे थे तो गाइड रखने का सुझाव आया था. पहले चरण में 30 गाइड रखे गए व वे सरकार पर बोझ बने बिना हर माह 30 हजार रुपये से लेकर एक लाख रुपये तक कमा रहे हैं. मुख्यमंत्री योगी ने कहा, हमारे पास अयोया, मथुरा, काशी, वृंदावन, नैमिष आदि कई प्रमुख तीर्थस्थल, बौद्स्थल हैं, जो धाद्दमक पर्यटन का हिस्सा हैं. यहां तमाम अनेक ऐसे हिस्से हैं, जहां रोजगार उत्पन्न हो सकते हैं. बस इसमें सकारात्मक दृष्टि से कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा, परिवर्तन के लिए हमें मानसिक तौर पर तैयार रहना होगा. कूप मंडूक रहकर हम परिवर्तन नहीं ला सकते. इस स्थिति से उबरकर और आगे जाना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में पहले दीपावली पर शस्त्र पूजन किया जाता था, लेकिन हमारी सरकार ने संतों से बात कर सामूहिक रूप से दीपोत्सव मनाने की परम्परा शुरू की. अयोध्या के साथ दीपोत्सव अब जुड़ चुका है. योजना व सहभागिता साथ चले तो पर्यटन को नई दिशा दी जा सकती है. आध्यात्मिक-सांस्कृतिक काया के साथ यदि पर्यटन स्थल को नए कलेवर में नहीं रखेंगे तो दुनिया आकृषित नहीं होगी. उत्तर प्रदेश में विकास की सम्भावनाएं पहले से ही मौजूद हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि 1916 में महात्मा गांधी काशी आकर विश्वनाथ मंदिर दर्शन करने गए थे. तब उन्होंने वहां गलियों में मौजूद गंदगी व संकीर्णता पर तल्ख टिप्पणी की थी. उनकी टिप्पणी के 100 साल बाद भी ना तो गलियां चौड़ी हुईं ना गंदगी हटी. हमारी सरकार ने इस दिशा में प्रयास किया है. अब काशी में पांच फुट संकरी गलियां नहीं, बल्कि सौ फुट चौड़ा रास्ता मिलेगा. मुख्यमंत्री ने ईको टूरिज्म के विकास पर भी जोर दिया. इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के सभागार में बहुभाषी समाचार एजेंसी हिन्दुस्थान समाचार द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश विकास संवाद-2 में तीर्थाटन, पर्यटन व क्षेत्रीय विकास पर केन्द्रित समारोह का विधिवत उद्घाटन राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, पर्यटन, धर्मार्थ व संस्कृति राज्य मंत्री नीलकंठ तिवारी, आरएसएस के क्षेत्रीय धर्म जागरण प्रमुख अभय कुमार, हिन्दुस्थान समाचार के उपाध्यक्ष अरविंद मार्डिकर, लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया व हिन्दुस्थान समाचार की निदेशक सुषमा अग्रवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।तीर्थाटन-पर्यटन व क्षेत्रीय विकास संवाद-2 कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हिन्दुस्थान समाचार के संपादक सह राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने विषय प्रवर्त्तन करते हुए पर्यटन के महत्वपूर्ण पहलुओं व तीर्थाटन से उनके धार्मिक पक्षों को रखा. हिन्दुस्थान समाचार की सहयोगी पत्र युगवार्ता के तीर्थाटन-पर्यटन विशेषांक का विमोचन अतिथियों ने किया. विशेषांक में ‘एक विधानसभा-एक पयर्टन केंद्र’ पर केंद्रित प्रदेश में ‘तीर्थाटन-पयर्टन और क्षेत्रीय विकास’ के विविध आयामों को प्रकाशित किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विशेषांक की प्रशंसा करते हुए हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी के प्रयासों की सराहना की.
14 लोगों को मिला ‘विकस रत्न सम्मान’
इस विशेषांक से पाठकों को प्रदेश के तीर्थ स्थलों, पर्यटन केंद्रों व ईको टूरिज्म की बेहतर जानकारी देने के साथ सरकार इस दिशा में विकास के लिए क्या कुछ कर रही है, इस बारे में पता चलेगा. इस अवसर पर पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले प्रदेश की 14 विभूतियों को भी ‘विकास रत्न सम्मान’ से सम्मानित भी किया गया. जिसमें प्रदेश के विभिन्न इलाकों से अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को देखते हुए हिन्दुस्थान समाचार एजेंसी द्वारा सम्मानित किया गया। इसमें अयोध्या के डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनोज दीक्षित को पर्यटन प्रबंध रत्न से सम्मानित किया गया। वाराणसी में सुबह-ए-बनारस की परिकल्पना करने वाले प्रमोद मिश्रा व डॉ. रत्नेश वर्मा को संस्कृति रत्न से सम्मानित किया गया। अयोध्या के महंत राजकुमार दास को स्वच्छता रत्न से सम्मानित किया गया। मथुरा के रामाकांत गोस्वामी को तीर्थाटन, संस्कृति व सेवा रत्न से नवाजा गया। प्रयागराज के डॉ. सुशील कुमार सिन्हा को सेवा रत्न से सम्मानित किया गया। वाराणसी के प्रगल्भ दत्त तिवारी को स्वच्छता रत्न से सम्मानित किया गया। लखनऊ के डॉ. वैभव खन्ना को सेवा रत्न से सम्मानित किया गया। आगरा के डॉ. कायनात काजी को पर्यटन रत्न से नवाजा गया। प्रयागराज के डॉ. सुदीप वर्मा को स्वास्थ्य रत्न से सम्मानित किया गया। डॉ. कुमार अरूणोदय को लखनऊ में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए शिक्षा रत्न से सम्मानित किया गया। पीलीभीत के रजत सक्सेना को महिला शिक्षा में विशेष कार्यों के लिए शिक्षा प्रोत्साहन रत्न से नवाजा गया। वहीं लखनऊ की अंजू डिसूजा व रौशनलाल गुप्ता को उद्योग के क्षेत्र में विशेष कार्य के लिए उद्योग रत्न से सम्मानित किया गया।
राज्यसभा सांसद सह कार्यक्रम के आयोजक हिन्दुस्थान समाचार के अध्यक्ष आरके सिन्हा ने प्रदेश में टूरिज्म को बढ़ाने की अपील मुख्यमंत्री से की। इसके लिए लोगों को सभी जनपदों में हो रहे परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि कूपमंडूक रहकर हम परिवर्तन नहीं ला सकते. इस स्थिति से उबरना होगा और आगे जाना होगा. उन्होंने कहा कि हमारे पास अयोध्या, मथुरा, काशी, वृंदावन, प्रयागराज जैसे कई प्रमुख तीर्थस्थल, बौद्धस्थल हैं, जो धार्मिक पर्यटन का हिस्सा है. योजना बनाकर स्थानीय लोगों को रोजी-रोजगार से जोड़ा जा सकता है. राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा ने मुख्यमंत्री के साथ ही सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, समृति चिन्ह व खास तौर से तुलसी का पौधा भेंट करके सम्मानित किया.कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्वी उप्र के क्षेत्रीय धर्म जागरण प्रमुख अभय कुमार, विशिष्ट अतिथि पयर्टन, धमार्थ एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. नीलकंठ तिवारी और हिन्दुस्थान समाचार समूह के उपाध्यक्ष अरविंद मार्डिकर ने पर्यटन के लिहाज से उत्तर प्रदेश में संभावनाओं पर विस्तार से अपनी बातें रखी. कार्यक्रम के दौरान लखनऊ के साथ पूरे राज्य में पर्यटन को स्वच्छता से जोड़ते हुए इसमें आमलोगों की सहभागिता पर बल दिया गया.
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