क्या आप सचमुच नागरिक हैं?

डॉ. श्रीश पाठक वे कहते हैं पॉलिटिक्स वाहियात चीज है, दूर ही रहें तो बेहतर। मै कहता हूँ कि यह राजनीतिक अशिक्षा की स्थिति है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को पॉलिटिकल लिटरेसी की जरूरत है। वे भड़क पड़ते हैं। कहते हैं, किताबों से क्या होता है, ये अरस्तू, प्लेटो आज क्या कर लेंगे, मुझे भान है कि यूपी में क्या हो रहा, केरल, तमिलनाडु, बंगाल में क्या हो रहा और जो हो रहा वो कोई किताब पढ़कर नहीं हो रहा। मैंने उनसे कहा कि चश्में और आँख का फर्क…

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मानवता………

अकृति विज्ञा ‘ अर्पण, हमारे जीवन के उद्देश्य मार्ग के साथ चलती साधना।  गोरखपुर। आज के समय में आधुनिकता के जिस दौर में हम जी रहे हैं वहां मरती संवेदनायें बार बार एक ही दिशा में  हमारा ध्यान ले जाना चाहती हैं वो दिशा है मानवता। यदि हम भारतीय वैदिक मंथन को समझें तो मानवता एक महत्वपूर्ण  और विशेष अविमिय औचित्य है जिसके चार अंग विश्लेषण  ,संस्कार,वेदना व संज्ञा हैं जिनका प्रत्यक्ष सम्बंध मानवता से है या यूं कहें कि ये मानवता के अंग हैं। भारत द्वारा विश्व को दिये…

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आओ थोड़ा करीब से जानें गाँधी को

सुरेश ठाकुर महात्मा गाँधी को लेकर आज देश में भ्रम का वातवरण है | ये वातावरण दो प्रकार के लोगों द्वारा बनाया जा रहा है | एक तो वे जो गाँधी के कुछ निर्णयों पर केवल तात्कालिक नफा-नुकसान के दृष्टिगत प्रश्न खड़े कर रहे हैं | और दूसरे वे अपरिपक्व जो उधार के इस दृष्टिकोण को अकारण प्रचारित प्रसारित कर रहे हैं जबकि उन्होंने गाँधी को पढ़ने और समझने का कभी भी किंचित प्रयास नहीं किया है |दरअसल, गाँधी किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि एक विचार धारा का नाम है…

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पटना में करीब डेढ़ लाख से ऊपर अभी लोग बाढ़ में फंसे

राणा अवधूत कुमार, डिप्टी ब्यूरो चीफ, आईसीएन बिहार  पटना। चार दिनों से लगातार हो रही आफत की बारिश राजधानी पटना समेत पूरे सूबे पर कहर बनकर टूटा है। जनजीवन ठहर सा गया है। उत्तर बिहार, पूर्व बिहार समेत राज्य के हर क्षेत्र में हो रही तेज बारिश से स्थिति हर क्षण विकट होती जा रही है। हालांकि कल से बारिश बंद है लेकिन जलजमाव से समस्या का समाधान होने में कम से कम हफ़्तों लगेंगे। अब तक अलग-अलग जगहों पर हुई घटनाओं में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें…

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