अलवर

अमिताभ दीक्षित,एडिटर-ICN ग्रुप तमाम उम्र ज़िन्दगी की ख़ाक छानता वक़्त से बातें करता एक बूढ़ा झुर्रियोंदार चेहरा उदासी की देहरी लांघती आंखों में सपने जैसा बसा यह शहर अलवर अंधियारी रात में दूर टिमटिमाता दिया एक पूरी दास्तान छिपाये है अपने पीछे एक अलसाये लावण्य की, वीरता की और रंगभरी मस्तियों की ख़ामोशी जब ख़ुद से बातें करती है तभी यह शहर अचानक नींद से जाग उठता है सुर्खियां इसकी आदत में शुमार नहीं सुबह की पहली किरण के साथ तेज़ हो जाती हैं कुयें की धिर्री की आवाज़ें फिर…

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दादी 

आकृति विज्ञा ‘अर्पण’… वही दादी जो बैठी रहती है माहवारी के दिनों में गर्म पानी का थैला लेकर या जब मोलू हुआ था महरी के तनिक देर करने पर खुद मीजने लगती थी प्रसूता को या फिर वो दादी जिसने पता नहीं चलने दिया कि माँ बनने के बाद कितना कठिन है बच्चे पालना या वो दादी जो खुद लग जाती प्रौढ़ बेटे के भगंदर के इलाज में असल में उसे क्या पता मर गयी होती अचानक तब नसीब होते आँसू दादी को निचोड़कर हमने छोड़ दिया उस वक्त जब…

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किशोरों की जिंदगी का सबसे खतरनाक ज़हर: “अवसाद”

डॉ संजय श्रीवास्तव आज कल प्रायः अखबारों में ,टेलीवीजन में ,सोशल साइट्स पर या अन्य खबरों में आये दिन किसी न किसी व्यक्ति के आत्महत्या द्वारा म्रत्यु की खबरे हमारे संज्ञान में आती रहती है |  इन खबरों में मरने वालो में ज्यादातर खबरे नई उम्र के नवयुवको एवं नवयुवतियो की होती है | बड़ा अजीब सा लगता है यह देख कर कि जिस उम्र में अभी तक इन बच्चो ने ,इन किशोरों ने इस जिंदगी के सफ़र को अच्छे से देखा नहीं है , समझा नहीं है और अभी उनके उपर किसी ज़िम्मेदारी का बोझ नहीं है…

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हल्दी के फायदे और नुकसान

डॉ हेमंत कुमार, सहायक संपादक आईसीएन कपड़ों को रंगने के लिए भी हल्‍दी का इस्‍तेमाल किया जाता है। यहां तक कि मार्को पोलो ने वर्ष 1280 में चीन की यात्रा के दौरान अपने नोट्स में हल्‍दी की तुलना केसर से की थी। मध्‍य यूरोप में हल्‍दी को “भारतीय केसर” कहा जाता था। दक्षिण एशिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में उगने वाली हल्‍दी कुरकुमा लौंगा पौधे की जड़ से प्राप्‍त की जाती है। इस पौधे की जड़ बल्‍ब के आकार की होती है जिससे प्रकंद (ऐसे कंद जो जमीन के अंदर होते…

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जीवित रहने के लिए पानी की तरह जरूरी है प्रोटीन

डॉ. नौशीन अली ब्यूरो चीफ आई.सी.एन. (म.प्र) प्रोटीन शरीर के निर्माण में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है व पाचक रसों (गेस्ट्रिक जूस ) का निर्माण करता है। भोपाल।प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने की चाहत रखने वालों के लिए ही जरूरी नही होता, बल्कि यह खासोआम की जरूरत होता है। प्रोटीन के बिना सम्‍पूर्ण स्वास्थ्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती,प्रोटीन भोजन का अहम अंग है। समुचित प्रोटीन के बिना किसी भी भोजन को सम्‍पूर्ण नहीं माना जा सकता। प्रोटीन के बिना हम अपने रोजमर्रा के काम भी पूरे नहीं कर सकते। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए बेहद जरूरी होता है प्रोटीन।प्रोटीन की भूमिका शरीर की टूट–फूट की…

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मनी सिरीज–(9)

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप अमीरी को कैसे नापा जा सकता है  मैं समझता हूँ कि अब तक हमने सफलता के सही अर्थ और धन के प्रति सकारात्मक सोच को भली भांति आत्मसात कर लिया है। यदि आप इन बातों से सहमत हैं तो यह उपयुक्त  समय है कि मैं पुनः इस पड़ाव के शीर्षक पर आ जाऊँ क्योंकि सफलता के सही अर्थ के पश्चात् कपिल जी का सीधा प्रश्न था कि अमीरी का फीता क्या होता है और हम अपनी अमीरी को कैसे नाप सकते हैं? मुझे विश्वास…

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मुम्बई के सितारों ने सजाई एक यादगार शाम । लफ़्ज़ों से परे में बिखेरे गये जज्बात-ए-क़लम..

मुम्बई। मुम्बई में स्थित शकुंतलम् स्टूडियों में “लफ़्ज़ों से परे” की ओर से कार्यक्रम “जज़्बात-ए-क़लम” का  आयोजन किया गया । कार्यक्रम में सभी ने बढ़-चढ के हिस्सा लिया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिंदी सिनेमा जगत के जाने माने राइटर “श्री जगमोहन कपूर” रहे। मशहूर शायर ग़ज़लकार “डॉ. वसिफ़ यार” एवं वरिष्ठ पत्रकार, कवि व फिल्म निर्माता श्री “संजय अमान जी भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में मोहब्बत और बगावत से लबालब भरी कविताओं से कवियों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया । कार्यक्रम में  “श्री प्रमोद कुमार कुश “तन्हा” ,यूसुफ़ राना, श्याम्…

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