मनी सिरीज–(9)

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप

अमीरी को कैसे नापा जा सकता है 

मैं समझता हूँ कि अब तक हमने सफलता के सही अर्थ और धन के प्रति सकारात्मक सोच को भली भांति आत्मसात कर लिया है। यदि आप इन बातों से सहमत हैं तो यह उपयुक्त  समय है कि मैं पुनः इस पड़ाव के शीर्षक पर आ जाऊँ क्योंकि सफलता के सही अर्थ के पश्चात् कपिल जी का सीधा प्रश्न था कि अमीरी का फीता क्या होता है और हम अपनी अमीरी को कैसे नाप सकते हैं? मुझे विश्वास है कि आप भी इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए अवश्य उत्सुक होंगे और मन ही मन खुल जा सिम-सिमबोल रहे होंगे ताकि रहस्य के इस मंच का पर्दा उठ सके।  

कपिल जी मंत्रमुग्ध होकर सुन रहे थे और मुझे प्रतीत हो रहा था कि इस वार्तालाप से उनकी सामान्य विचारधारा छिन्न-भिन्न होकर नए कैनवास पर नए चित्र सृजित करने लगी थी।  एक-एक शब्द उनके अब तक के विश्वास के संसार से बाहर का था किन्तु इस अविश्वसनीय कथानक के वे स्वयं नायक बनकर अपने में एक नया विश्वास सृजित होता अनुभव कर रहे थे। 

” कपिल जी, अब मैं फिर आपकी वर्तमान परिस्थितियों की ओर लौट रहा हूँ।” मैं बोला, ” आपने बताया कि आप की वर्तमान आय पच्चीस हज़ार रुपये प्रतिमाह है और आपको लगता है कि जब तक आप नौकरी करते रहेंगे, आपको आर्थिक दबाव झेलना पड़ेगा क्योंकि आपके पास नौकरी के अतिरिक्त जीवन यापन का कोई अन्य विकल्प नहीं है।  लेकिन यदि आप अपने सुनहरे भविष्य के लिए थोड़ा सा अतिरिक्त दबाव थोड़े समय के लिए और सहन करने के लिए तैयार हैं तो न केवल आप अधिक सुरक्षित रहेंगे बल्कि भविष्य की दीवार में नीरस और निराशाजनक नौकरी के जीवन से अमीर और आशा और आनंद से भरे हुए जीवन में जाने के लिए एक दरवाज़ा भी तैयार कर सकते हैं। ”  

मैंने जो भी कपिल जी को बताया, वह सब आपके लिए भी आवश्यक है।  इसलिए मैं कपिल जी के साथ ही साथ फिर आपसे भी बात कर रहा हूँ। मुझे आशा है कि न केवल कपिल जी ही बल्कि आप भी यह जानने के लिए उत्सुक होंगे कि यह अमीरी का फीता क्या होता है और हम अपनी अमीरी को कैसे नाप सकते हैं। यदि कपिल जी थोड़ा सा आर्थिक दबाव और सहन कर लें और प्रत्येक माह प्रथम भुगतान स्वयं को के सिद्धान्त पर अमल करते हुए अर्जित पच्चीस हज़ार रुपये में से मात्र पाँच हज़ार रुपये का भुगतान स्वयं को करना प्रारम्भ कर दें तो उनके पास प्रथम माह में ही पाँच हज़ार रुपये की संपत्ति निर्मित हो जाएगी और यदि ऐसा एक वर्ष निरंतर होता रहा तो वर्ष के अंत में उनके पास साठ हज़ार रुपये की एक अतिरिक्त धनराशि एकत्रित हो जाएगी और यदि उन्होंने इस बचत को एक योजनाबद्ध ढंग से आवर्ती जमा (रिकरिंग डिपॉज़िट) के रूप में निवेशित किया है तो वर्ष के अंत में एक अतिरिक्त किश्त के रूप में वे पाँच हज़ार की अतिरिक्त धनराशि भी अर्जित कर सकते हैं। 

अपने इस एक वर्ष के समयावधि में कपिल जी ने थोडा आर्थिक दबाव सहन करते हुए अपनी पच्चीस हज़ार के मासिक वेतन से बीस प्रतिशत अर्थात पांच हज़ार रूपये की मासिक बचत की और उसका बुद्धिमानीपूर्ण ढंग से आवर्ती जमा (रिकरिंग डिपोजिट) में निवेश कर वर्ष के अंत में पैसठ हज़ार रूपये की ‘आय’ का निर्माण किया। इस पूरे वर्ष कपिल जी ने अपना जीवन स्तर बीस हज़ार रुपये प्रति माह के आर्थिक स्तर के अनुसार व्यतीत किया ।

इसका अर्थ यह हुआ कि यदि एक वर्ष के बाद कपिल जी अपनी पुरानी नौकरी छोड़ दें अथवा किसी अन्य कारण से उनके पास धन का कोई श्रोत उपलब्ध न रह सके तो भी उनका वर्तमान आर्थिक स्तर पर जीवन यापन तीन माह एक सप्ताह के लिए जारी रह सकता है और इसलिए हम कह सकते हैं कि उक्त तकनीक ने कपिल जी की अमीरी को ‘तीन माह एक सप्ताह’ लम्बा कर दिया।

मुझे यह भी बताया गया कि उनके अधिकारी को वेतन के रूप में एक लाख रूपये प्रति माह प्राप्त होते हैं किन्तु वे किसी प्रकार की बचत नहीं करते हैं इसलिए एक वर्ष के अंत में यदि उन्हें नौकरी छोडनी पड़े अथवा किसी अन्य कारण से उनकी आय के समस्त श्रोत समाप्त हो जाये तो उनका वर्तमान आर्थिक स्तर तुरंत धराशायी हो जायेगा ।

अमीरी का यह फीता न केवल हमारी अमीरी को नाप सकता है बल्कि यह फीता हमें यह भी बताता है कि अनेक अवसरों पर हम अपने से कहीं अधिक धन अर्जित करने वाले व्यक्ति से भी अधिक अमीर होते हैं ।

इस पड़ाव के प्रारम्भ में ही आपने पढ़ा है  कि एक “व्यक्ति बिना कोई धनार्जन किये अपने वर्तमान जीवन स्तर को जितने दिन जारी रख सकता है, उसकी अमीरी उतने ही समय की है।  यह समय दिनों में भी हो सकता है, सप्ताहों में भी, महीनों में भी और वर्षों में भी।”  यही अमीरी का फीता है और यह आप पर ही निर्भर करता है कि आप इस फीते को कितना लंबा करना चाहेंगे। यदि आप ऊपर बताई गयी प्रक्रिया को अपनी आदत बना लेंगे तो इसमें कोई संदेह नहीं कि आपकी अमीरी का फीता आपके जीवनकाल से भी लंबा हो जायेगा और जिस दिन यह फीता एक व्यक्ति की शेष आयु से लंबा हो गया, वह व्यक्ति सफलता के सिंहासन पर स्थाई रूप से बैठ जायेगा।

मुझे पूरा विश्वास है – अब आप नए जीवन मूल्यों के साथ अपने नये जीवन के निर्माण के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके हैं और आपके कानों में अब तक आपके इर्द-गिर्द जकड़ी हुईं आर्थिक पराधीनता की बेड़ियों के चिटकने का संगीत भी अवश्य गूंजने लगा होगा।  आप निर्भय होकर अपनी नयी यात्रा प्रारम्भ कीजिये – मैं अगले मोड़ पर एक नए पड़ाव के साथ आपकी प्रतीक्षा कर रहा हूँ।  

 

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