क्या प्रधानमंत्री से यह अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए कि वह एक निष्पक्ष न्यायमूर्ति बनाए

नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। हमारी सरकार ने न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए न्यायिक सेवा आयोग बनाने का प्रयास किया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय उसके विरुद्ध आया। हमने उस निर्णय को स्वीकार किया। हम उसे स्वीकार करते हैं और न्यायपालिका का सम्मान करते हैं। लेकिन जिस तर्क के साथ सरकार के इस प्रस्ताव को अस्वीकार किया गया उस पर मुझे गंभीर आपत्ति है। सर्वोच्च न्यायालय का तर्क यह था कि इस आयोग में कानून मंत्री शामिल होगा और ऐसी स्थिति में यदि सरकार के खिलाफ कोई मुकदमा आता है और उसकी…

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भोजपुरी: भाषाई अस्मिता का संघर्ष और राजनीति

उदय नारायण सिंह, ICN बिहार सरकारी आँकड़ों में आठ करोड़ परन्तु धरातल पर पंद्रह करोड़ से उपर के लोगों द्वारा बोली जाने वाली,पाँच देशों की प्रमुख मातृभाषा,विश्वविद्यालीय शिक्षा में पढ़ाई जाने वाली तथा सिनेमा उद्योग में पॉलीवुड के नाम से प्रसिद्ध भोजपुरी के समक्ष आज अपने अस्तित्व का संकट आन खड़ा हुआ है। भिन्न-भिन्न प्रकार की साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं से समृद्ध, राजनीतिज्ञों के संबोधन की आधार भाषा वर्त्तमान मे आज संकट में है। ब्रिटिश काल में गुलाम बना कर ले जाये गये भोजपुरी प्रदेश के मजदूर भले ही आज मॉरीशस, सुरीनाम,…

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मनी सिरीज–(10)

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप बचत अमीरी का बीज है आइये मित्र ! आपका पुनः स्वागत है । मैं तो इस पड़ाव पर आपकी प्रतीक्षा ही कर रहा था । मैं देख रहा हूँ कि आप में एक नए उत्साह का जन्म हो चुका है।  शायद जीवन में पहली बार आप वह पढ़ रहे हैं जो किसी विद्यालय अथवा महाविद्यालय में कभी नहीं पढ़ाया गया।  आपको पहली बार अनुभव हो रहा है कि आपको सफल बनाने का ढोल पीटने वाले ये सारे संस्थान मात्र स्वयं को सफल बनाने के…

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आत्महत्या की रोकथाम

 डॉ. मोहम्मद अलीम सिद्दीकी (एमडी, डीपीएम), डॉ. शाज़िया सिद्दीकी (पीएचडी, एम.फिल) आत्महत्या उद्देश्यपूर्ण तरीके से स्वयं के जीवन को समाप्त करने का एक कार्य है जो न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी हैं बल्कि एक नुकसान जो पूरे देश को प्रभावित करता है। डब्ल्यू.एच.ओ. के आंकड़ों के अनुसार, भारत में महिलाओं के लिए आत्महत्या की दर 16.4 प्रति 100,000 (दुनिया में 6 वीं सबसे अधिक) और पुरुषों के लिए 25.8 (रैंकिंग 22 वें) है। लगभग 150 मिलियन भारतीय मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं, लेकिन केवल दस प्रतिशत ही इलाज करवा सकते…

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एक औघड़ लीक से बिल्कुल हटकर….

राणा अवधूत कुमार, डिप्टी ब्यूरो चीफ, आईसीएन बिहार  क्या आपने कोई ऐसा औघड़ देखा है, जो सामाजिक कुरूतियों से लड़ते हुए जनता के बीच व्याप्त अंधविश्वासों से लड़ने के लिए तत्पर रहता हो? जो कुष्ठ रोगियों की स्वयं सेवा करता हो। अहम बात कि अपने पास आने वाले भक्तों, शिष्यों व आमलोगों को जप-ध्यान करने की नहीं बल्कि इस देश की समस्याओं की ओर ध्यान देने की प्रेरणा देता हो? वाराणसी के पूर्व गंगा तट पर पड़ाव पर रहने वाले अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम अपने अतीत व अपनी साधना में…

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किशोरों की जिंदगी का सबसे खतरनाक ज़हर: “अवसाद”

डॉ संजय श्रीवास्तव आज कल प्रायः अखबारों में ,टेलीवीजन में ,सोशल साइट्स पर या अन्य खबरों में आये दिन किसी न किसी व्यक्ति के आत्महत्या द्वारा म्रत्यु की खबरे हमारे संज्ञान में आती रहती है |  इन खबरों में मरने वालो में ज्यादातर खबरे नई उम्र के नवयुवको एवं नवयुवतियो की होती है | बड़ा अजीब सा लगता है यह देख कर कि जिस उम्र में अभी तक इन बच्चो ने ,इन किशोरों ने इस जिंदगी के सफ़र को अच्छे से देखा नहीं है , समझा नहीं है और अभी उनके उपर किसी ज़िम्मेदारी का बोझ नहीं है…

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हल्दी के फायदे और नुकसान

डॉ हेमंत कुमार, सहायक संपादक आईसीएन कपड़ों को रंगने के लिए भी हल्‍दी का इस्‍तेमाल किया जाता है। यहां तक कि मार्को पोलो ने वर्ष 1280 में चीन की यात्रा के दौरान अपने नोट्स में हल्‍दी की तुलना केसर से की थी। मध्‍य यूरोप में हल्‍दी को “भारतीय केसर” कहा जाता था। दक्षिण एशिया के उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में उगने वाली हल्‍दी कुरकुमा लौंगा पौधे की जड़ से प्राप्‍त की जाती है। इस पौधे की जड़ बल्‍ब के आकार की होती है जिससे प्रकंद (ऐसे कंद जो जमीन के अंदर होते…

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जीवित रहने के लिए पानी की तरह जरूरी है प्रोटीन

डॉ. नौशीन अली ब्यूरो चीफ आई.सी.एन. (म.प्र) प्रोटीन शरीर के निर्माण में यह अपनी अहम भूमिका निभाता है व पाचक रसों (गेस्ट्रिक जूस ) का निर्माण करता है। भोपाल।प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने की चाहत रखने वालों के लिए ही जरूरी नही होता, बल्कि यह खासोआम की जरूरत होता है। प्रोटीन के बिना सम्‍पूर्ण स्वास्थ्य की कल्पना भी नहीं की जा सकती,प्रोटीन भोजन का अहम अंग है। समुचित प्रोटीन के बिना किसी भी भोजन को सम्‍पूर्ण नहीं माना जा सकता। प्रोटीन के बिना हम अपने रोजमर्रा के काम भी पूरे नहीं कर सकते। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक हर उम्र के लोगों के लिए बेहद जरूरी होता है प्रोटीन।प्रोटीन की भूमिका शरीर की टूट–फूट की…

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मनी सिरीज–(9)

तरुण प्रकाश श्रीवास्तव, सीनियर एग्जीक्यूटिव एडीटर-ICN ग्रुप अमीरी को कैसे नापा जा सकता है  मैं समझता हूँ कि अब तक हमने सफलता के सही अर्थ और धन के प्रति सकारात्मक सोच को भली भांति आत्मसात कर लिया है। यदि आप इन बातों से सहमत हैं तो यह उपयुक्त  समय है कि मैं पुनः इस पड़ाव के शीर्षक पर आ जाऊँ क्योंकि सफलता के सही अर्थ के पश्चात् कपिल जी का सीधा प्रश्न था कि अमीरी का फीता क्या होता है और हम अपनी अमीरी को कैसे नाप सकते हैं? मुझे विश्वास…

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मुम्बई के सितारों ने सजाई एक यादगार शाम । लफ़्ज़ों से परे में बिखेरे गये जज्बात-ए-क़लम..

मुम्बई। मुम्बई में स्थित शकुंतलम् स्टूडियों में “लफ़्ज़ों से परे” की ओर से कार्यक्रम “जज़्बात-ए-क़लम” का  आयोजन किया गया । कार्यक्रम में सभी ने बढ़-चढ के हिस्सा लिया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिंदी सिनेमा जगत के जाने माने राइटर “श्री जगमोहन कपूर” रहे। मशहूर शायर ग़ज़लकार “डॉ. वसिफ़ यार” एवं वरिष्ठ पत्रकार, कवि व फिल्म निर्माता श्री “संजय अमान जी भी उपस्थित रहे।कार्यक्रम में मोहब्बत और बगावत से लबालब भरी कविताओं से कवियों ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया । कार्यक्रम में  “श्री प्रमोद कुमार कुश “तन्हा” ,यूसुफ़ राना, श्याम्…

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